अयाेध्या से जनकपुर के लिए रवाना हुई ऐतिहासिक रामबारात | Ram Barat Ayodhya





अयाेध्या से जनकपुर के लिए रवाना हुई ऐतिहासिक रामबारात

#पत्रकार_अजेन्द्र_पाण्डेय
Ram Barat Ayodhya अयाेध्या 21 नवम्बर 2019। धर्म यात्रा महासंघ के बैनर तले गुरूवार काे विहिप मुख्यालय कारसेवकपुरम से जनकपुर के लिए भव्य रामबारात रवाना हुई, जिसमें महाराजा दशरथ की भूमिका में महन्त कन्हैयादास रामायणी, विश्वामित्र डॉ. रामेश्वर दास और वशिष्ठ के रूप में महन्त वैष्णव दास नजर आए। बारात में पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्याें के हजाराें की संख्या में संत-धर्माचार्य व भक्तगण शामिल रहे। कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच अयाेध्या से यात्रा काे रवाना किया गया।यह पहला माैका था कि जब राममन्दिर के पक्ष में निर्णय आने के बाद रामबारात रवाना की जा रही थी। इससे लाेगाें में बहुत ही उत्साह व दुगनी खुशी थी। गाजे-बाजे के साथ भक्त थिरकने काे मजबूर दिखे। महिलाएं, पुरूष व बच्चे आनन्दित हाेकर झूम रहे थे। इसे देखकर ऐसा लग रहा था कि मानाे आज त्रेतायुग की परिकल्पना फिर से साकार हाे रही है। बारात में शामिल राममन्दिर मॉडल तरीके का रथ आकर्षण का केन्द्र बना रहा। जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में बड़ी ही उत्सुकता थी। सुसज्जित रथ पर भगवान राम उनके भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुध्न के विग्रह और स्वरूप विराजमान रहे। जिनका दर्शन कर रामनगरी के लाेगाें ने अपना जीवन धन्य बनाया।Ram Barat Ayodhya
गुरूवार की सुबह आरती-पूजन के बाद विहिप संरक्षक दिनेश चन्द्र ने नारियल फाेड़कर रामबारात काे कारसेवकपुरम से रवाना किया। जाे सीधे मणिरामदास छावनी पहुंची। जहां न्यास अध्यक्ष नृत्यगाेपाल दास ने रथ पर सवार राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुध्न चारों भाइयों के स्वरूपाें व विग्रहाें का पूजन-अर्चन कर जनकपुर के लिए रवाना किया। यह बारात २९ नवम्बर को जनकपुर नेपाल पहुंचेगी। इस अवसर पर मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी महन्त कमलनयनदास शास्त्री ने कहाकि यह विवाह महाेत्सव दाेनाें देशाें में एकता, भाईचारा स्थापित करने के लिए मनाया जाता है। इससे भारत व नेपाल के सम्बंध और अधिक मजबूत हाेंगे। वहीं अयाेध्या संत समिति अध्यक्ष व बारात में महाराजा दशरथ की भूमिका निभा रहे महन्त कन्हैयादास रामायणी ने कहाकि यह श्रीराम विवाह महाेत्सव की ऐतिहासिक यात्रा है। भगवान ने धनुष ताेड़कर मां जानकी के साथ विवाह करके विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। प्रत्येक पांच वर्षाें में यह रामबारात निकाली जाती है। इससे अयाेध्या-जनकपुर के रिश्ताें की डाेर मजबूत हो रही है, जिससे विश्व शान्ति व सदभाव का वातावरण पूरे विश्व में फैलेगा और भगवान राम की कीर्ति बनेगी। पूरे विश्व में पापाचार, अनाचार का नाश कर भगवान ने रामराज्य स्थापित किया। उन्होंने कहाकि सुप्रीमकाेर्ट ने राममन्दिर के पक्ष में निर्णय देकर चार-चांद लगाने का काम किया।

इससे यह विवाह महाेत्सव त्रेतायुग जैसा हाे गया है


इससे यह विवाह महाेत्सव त्रेतायुग जैसा हाे गया है। इससे सभी संत-महंत व भक्तगण प्रफुल्लित नजर आ रहे हैं। विवाह महाेत्सव के रथ की तैयारी रामलला के भव्य मन्दिर निर्माण की ओर इंगित कर रही है। काेर्ट की तरफ से रामजन्मभूमि के पक्ष में फैसला आया है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि रामलला आज ही दूल्हा बनकर जनकपुर जा रहे हैं। विहिप अन्तर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चन्द्र ने कहाकि यह बहुत ही महत्वपूर्ण रामबारात है। जाे पांच दिनाें की यात्रा विभिन्न पड़ावाें काे पार करते हुए जनकपुर नेपाल पहुंचेगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ काे भी आमंत्रित किया गया है। न्यायालय ने ५०० वर्ष पुराने राममन्दिर मामले का पटाक्षेप किया। अब रामलला के भव्य मन्दिर निर्माण का अवसर आ गया है। श्रीराम-जानकी विवाह बारात यात्रा संयोजक व विहिप के केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज ने कहाकि भगवान राम के जन्म से लेकर जीवन पर्यन्त तक की लीलाएं बहुत ही मंगलमयी हैं। लेकिन उनके विवाह महाेत्सव की लीला अति मंगलमयी है। अब चूंकि सुप्रीमकाेर्ट ने राममन्दिर के पक्ष में फैसला दे दिया है और मन्दिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया। इससे यह बारात इस बार नए उमंग, उत्साह व खुशी के साथ जा रही है।

यह भारत-नेपाल के सांस्कृतिक सम्बंधो काे मजबूत करेगी


यह भारत-नेपाल के सांस्कृतिक सम्बंधो काे मजबूत करेगी। उन्होंने बताया कि इस बार जनकपुर में विवाह महाेत्सव के दिन १०८ गरीब कन्याओं की भी शादी हाे रही है। इस तरह का सामूहिक विवाह नेपाल में पहली बार हाे रहा है। साथ ही भगवान के विवाह वाले दिन ११०० कन्याओं का पूजन किया जायेगा। १ नवम्बर को विवाह व जयमाल, २ काे रामकलेवा के बाद बारात ३ नवम्बर को जनकपुर से अयाेध्या के लिए प्रस्थान करेेेगी। जाे ४ नवम्बर को अयाेध्या पहुंचेगी। इस माैके पर सदगुरू सदन के महन्त सियाकिशाेरी शरण, डॉ. रामेश्वर दास, महन्त वैष्णव दास, महन्त रामअवतार दास, महन्त चिन्मय दास, विहिप केन्द्रीय मंत्री पुरूषोत्तम नारायण सिंह, वीएपी प्रान्तीय प्रवक्ता शरद शर्मा कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास, स्वामी गयाशरण आदि उपस्थित रहे।

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